तुमने अपने चेहरे से जब उठाया घूंघट

तुमने अपने चेहरे से जब उठाया घूंघट

फूलों के दामन में तितलियाँ बिखर गई

तुमने प्यार से कहा जब मुझे अपना सजन

सूनी सूनी ज़िंदगी मेरी भी संवर गई