शिकायत है किताबो से, कैसा ये काम रखा है

शिकायत है किताबो से, कैसा ये काम रखा है

खाली पन्नो पे तुमने लिखना मेरा नाम सीखा है

ये कैसे दिल है पाले हमने, अपने अपने अंदर

जिस पर मैंने राधा और तुमने घनश्याम लिखा है